Monday, July 13, 2020

ओ इच्छा

तू कभी भी उदास मत होना,
बेख्याली में भी कभी मत रोना।

तू है तो उम्मीद है, उम्मीद है तो ज़िंदगी है,
तू दिल के जिस कौने में चाहे, बिछा ले बिछौना।