भाषा संवारते संवारते
कहीं संस्कारों को मत भूल जाना
तुम जहाँ कहीं भी हो
अपने भारत की मर्यादा मत भूल जाना
तुम जो इस ज़मीन पर हो
तो उसका श्रेय एक औरत को जाता है
जो तुम्हारी माँ है
उस माँ की कसम तुम्हे
किसी भी औरत की मर्यादा भंग
करने की कोशिश मत करना
बोलो कसम खाते हो
मेरे साथ